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रूस में बम धमाका, 10 की मौत- रिपोर्ट्स

रूस के सेंट पीटर्सबर्ग के मेट्रो स्टेशन में बम धमाके ने 10 लोगों की जान ले ली। खबर है कि सेंट पीटर्सबर्ग के इस मेट्रो स्टेशन के अंदर मेट्रो ट्रेन में इतना बड़ा धमाका हुआ कि ट्रेन के डिब्बे की लोहे की चादर फट गई और मेट्रो स्टेशन में लगा कंक्रीट तक उड़ गया।
धमाके के फौरन बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया और स्पेशल सर्विस के कमांडो समेत इमेरजेंसी सर्विस के दस्ते मौके पर पहुचं गए। रूस की अधिकारिक समाचार एजेंसी से मिली खबरों के मुताबिक धमाके की शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमाका नेल बम यानी बारूद के साथ धातु के टुकड़ों से बने बम से किया गया था।

धमाके पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि “इन धमाकों की वजह और इनके पीछे किसका हाथ है ये जांच के बाद ही पता चल पाएगा । अभी इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी । हमारी जांच हर बिंदु पर केंद्रित होगी लेकिन सबसे पहले हम धमाके की आतंकी कनेक्शन की जांच करेंगे” ।

पुतिन का ये बयान बताने के लिए काफी है कि रूस की सरकार को आतंकी हमले का ही अंदेशा है। लेकिन ये हमला किस गुट ने किया होगा इसके बारे में कयास लगाने के सिवा और कुछ नहीं किया जा सकता। शक की सुई कई संगठनों या गुटों की तरफ घूमती है ।

1- ISIS

इस्लामिक स्टेट या उससे जुड़े कट्टरपंथी संगठनों पर शक करना बेमानी नहीं होगा क्योंकि पिछले एक साल के अंदर इस्लामिक स्टेट पर सबसे करारी चोट अगर किसी ने की है तो वो रूस ही है…शक की एक वजह ये भी है कि रूस से सटे चेचेन्या से कई आतंकी इस्लामिक स्टेट से जुड़े हैं…पिछले साल तुर्की में रूस के राजदूत की हत्या भी रूस के खिलाफ इस्लामिक स्टेट की कट्टरपंथी नफरत का ही नतीजा थी। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि रूस की धरती पर रूस के खिलाफ ये इस्लामिक स्टेट का पहला हमला भी हो सकता है ।

2- यूक्रेन के मिलिशिया गुट

शक की दूसरी सुई यूक्रेन के मिलिशिया गुटों की तरफ उठती है…क्रीमिया को लेकर रूस और यूक्रेन के बीच हुई तनातनी के दौरान जहां रूस ने यूक्रेन की धरती पर रूस समर्थित मिलिशिया खड़े किए तो इन अलगाववादियों को टक्कर देने के लिए यूक्रेन ने भी मिलिशिया गुट बनाए । अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूक्रेन में ऐसे तकरीबन 30 एंटी रूस मिलिशिया सक्रिय हैं और इन गुटों पर मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर इल्जाम लगे हुए हैं।

इन सभी बिंदुओं पर रूस की सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस की भी नजर होगी क्योंकि आज के दौर में रूस इन्हीं तत्वों के निशाने पर है ।

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